बॉर्डर मूवी रिव्यू: देशभक्ति, जंग और बलिदान की अमर कहानी

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बॉर्डर मूवी रिव्यू: देशभक्ति, जंग और बलिदान की अमर कहानी

जब भी भारत की बेहतरीन वॉर फिल्मों की बात होती है, तो “Border” (1997) का नाम सबसे ऊपर आता है। जे.पी. दत्ता द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित है और आज भी इसे देशभक्ति फिल्मों की क्लासिक श्रेणी में रखा जाता है।

इस रिव्यू में हम फिल्म की कहानी, अभिनय, निर्देशन, संगीत, तकनीकी पक्ष और इसकी खासियतों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।


फिल्म की कहानी (Story Review)

“Border” की कहानी राजस्थान के लोंगेवाला पोस्ट पर आधारित है, जहाँ भारतीय सेना के कुछ जवान सीमित संसाधनों के साथ दुश्मन की बड़ी टुकड़ी का सामना करते हैं।

फिल्म में दिखाया गया है:

  • कम सैनिक, कम हथियार
  • लेकिन मजबूत हौसला और देश के लिए जान देने का जज़्बा
  • पूरी रात चला संघर्ष
  • अंत में भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत

कहानी सिर्फ युद्ध की नहीं, बल्कि सैनिकों की भावनाओं, परिवार से दूरी और देश के लिए बलिदान की भी है।


निर्देशन और स्क्रीनप्ले

निर्देशक जे.पी. दत्ता ने इस फिल्म को बेहद गंभीर और भावनात्मक अंदाज़ में प्रस्तुत किया है।

निर्देशन की खास बातें:

  • युद्ध के सीन बहुत रियलिस्टिक
  • भावनात्मक और एक्शन का सही संतुलन
  • देशभक्ति का असरदार चित्रण
  • लंबा रनटाइम होने के बावजूद फिल्म बोर नहीं करती

स्क्रीनप्ले दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।


अभिनय (Acting Performance)

फिल्म में कई बड़े कलाकारों ने शानदार अभिनय किया है:

  • सुनील शेट्टी – कप्तान भैरों सिंह
  • सनी देओल – मेजर कुलदीप सिंह
  • अक्षय खन्ना – लेफ्टिनेंट धर्मवीर
  • जैकी श्रॉफ – विंग कमांडर

खास तौर पर:

  • सनी देओल का दमदार डायलॉग डिलीवरी
  • अक्षय खन्ना का शांत लेकिन प्रभावशाली अभिनय
  • सभी कलाकारों की टीमवर्क वाली परफॉर्मेंस

फिल्म को मजबूती देती है।


संगीत और देशभक्ति गीत

“Border” के गाने आज भी देशभक्ति गीतों में सबसे ऊपर गिने जाते हैं।

लोकप्रिय गीत:

  • “संदेसे आते हैं” – आज भी आंखें नम कर देता है
  • “मेरे दुश्मन मेरे भाई”
  • बैकग्राउंड स्कोर बेहद प्रभावशाली

संगीत फिल्म के इमोशनल असर को कई गुना बढ़ा देता है।


तकनीकी पक्ष (Technical Review)

तकनीकी रूप से “Border” अपने समय से काफी आगे थी।

  • युद्ध के सीन अच्छे तरीके से फिल्माए गए
  • टैंक, बम, फाइट सीक्वेंस रियल लगते हैं
  • सिनेमैटोग्राफी मजबूत
  • साउंड डिजाइन प्रभावशाली

हालांकि आज के मुकाबले VFX थोड़ा पुराना लग सकता है, लेकिन प्रभाव बना रहता है।


बॉर्डर मूवी – क्रिटिकल जानकारी (टेबल)

जानकारी विवरण
फिल्म का नाम Border
रिलीज वर्ष 1997
निर्देशक जे.पी. दत्ता
जॉनर वॉर, ड्रामा, देशभक्ति
मुख्य कलाकार सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना
कहानी आधारित 1971 भारत-पाक युद्ध
संगीत अनु मलिक
फेमस गाना संदेसे आते हैं
रनटाइम लगभग 3 घंटे
भाषा हिंदी

फिल्म की खूबियाँ (Positives)

  • मजबूत देशभक्ति भावना
  • यादगार गाने
  • शानदार स्टारकास्ट
  • इमोशनल और प्रेरणादायक कहानी
  • ऐतिहासिक युद्ध पर आधारित

फिल्म की कमियाँ (Negatives)

  • लंबा रनटाइम
  • कुछ सीन आज के हिसाब से स्लो लग सकते हैं
  • तकनीकी रूप से थोड़ा पुराना एहसास

क्या आज भी “Border” देखनी चाहिए?

बिल्कुल। अगर आप:

  • देशभक्ति फिल्में पसंद करते हैं
  • भारतीय सेना के शौर्य को समझना चाहते हैं
  • क्लासिक बॉलीवुड फिल्में देखना पसंद करते हैं

तो “Border” आज भी एक मस्ट-वॉच फिल्म है।


फाइनल वर्डिक्ट

“Border” सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान को सलाम है। यह फिल्म हर भारतीय को गर्व महसूस कराती है और दिल से जुड़ जाती है।

रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐½ (4.5/5)

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